MP News : प्रदेश में 76 हज़ार मंदिरों को सुरक्षित करने सरकार करा रही सर्वे


भोपाल (जोशहोश डेस्क) मध्यप्रदेश के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों को सरकार सूचीबद्ध कर रही है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि इन मंदिरों और धार्मिक स्थलों की अकूत संपदा को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने मुहिम शुरू की है। सरकार को शिकायतें मिल रहीं हैं कि दूसरे राज्यों में जो मध्यप्रदेश के मठ-मंदिर हैं, उनकी बेशकीमती संपत्तियां बर्बाद हो रही हैं।

प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे कई मंदिर हैं जिनके पास हजारों करोड़ रुपए मूल्य की धन-संपदा है, लेकिन उनकी व्यवस्थित देखरेख नहीं हो पा रही है। शासन ने सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर ऐसे धार्मिक स्थलों की संपत्ति का ब्यौरा मांगा है। सरकार के पास जो जानकारी के उसके अनुसार प्रदेश में छोटे-बड़े करीब 76 हजार से अधिक मठ-मंदिर व धार्मिक स्थल हैं।

मात्र उज्जैन संभाग में ही लगभग 3000 मंदिर हैं, जिनके पास हजारों एकड़ जमीन और अन्य प्रॉपर्टी है। इंदौर, जबलपुर-चंबल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, होशंगाबाद, भोपाल और सागर संभाग में ही ऐसे कई मंदिर हैं जिनके पास अकूत संपदा है। लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं और कई मंदिरों की प्रॉपर्टी पर कब्जे हो गए हैं।

कई मंदिरों में अरबों के आभूषण

ग्वालियर के गोपाल मंदिर और नारंगी बाई मंदिर सहित कुछ मंदिर ऐसे हैं जहां सरकार ने सुरक्षा का जिम्मा कमिश्नर को सौंप रखा है। इन मंदिरों में अरबों रुपए के आभूषण हैं। इसके साथ कई मंदिरों के पास धर्मशालाएं, बावड़ी, दुकानें और बगीचे भी हैं। मध्यप्रदेस में ग्वालियर स्टेट ने करीब 55 हजार धार्मिक स्थल शासन के सुपुर्द किए थे। इसके साथ ही 76 हजार बीघा जमीन और अकूत संपदा के रूप में सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात भी शामिल थे। इन धार्मिक स्थलों में मुस्लिम धर्म स्थल, गुरुद्वारा और चर्च भी शामिल हैं।

(संपादन – संगम दुबे)