मोतीलाल वोरा ने जब महात्मा गांधी के नाम पर टैक्स वसूला...


भोपाल (जोशहोश डेस्क) मेहनती और ईमानदार स्वभाव के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा आज निधन हो गया। उनका कांग्रेस से शुरू में कोई रिश्ता नहीं था, परन्तु महात्मा गांधी के प्रति वे निष्ठावान थे। राजनाँदगाँव में महात्मा गांधी की मानवाकार मूर्ति प्रतिष्ठित कराने का श्रेय उन्हीं को जाता है। जिस कंपनी में काम करते थे उसकी अनेक मार्गो पर बसें चलती थी। वोरा ने प्रति यात्री किराये पर दस पैसे अधिक लेने का निर्देश दिया। यो कभी-कभार कुछ आपत्तियाँ भी उठीं, परन्तु सामान्यतः इस अच्छे काम से यात्रियों की सहमति ही रही। इस तरह यह एकत्रित राशि अलग रखी गयी तथा कालांतर में धूमधाम से गांधी-प्रतिमा का अनावरण हुआ।

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कुछ वर्षों बाद वोरा पदोन्नति के साथ दुर्ग स्थानांतरित हो गये। वहाँ भी उन्होंने राममनोहर लोहिया की प्रतिमा स्थापित करने हेतु ऐसी ही योजना बनायी थी। शुरू में पहले राज्य परिवहन निगम के उपाध्यक्ष हुए। बाद में राज्यमंत्री स्थानीय शासन विभाग फिर राज्यमंत्री उच्च शिक्षा, केबिनेट मंत्री फिर मध्यप्रदेश काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उसके बाद मुख्यमंत्री हुए। वे बराबर सुबह से तैयार हो जाते थे और लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर देते थे। वोरा इतने लोगों का काम करते थे कि बहुत से उनके आदेश परस्पर-विरोधी हो जाते थे, जिनका कभी पालन नहीं होता था, किन्तु सामने वाला आदमी इस बात को लेकर प्रसन्न हो जाता था कि वह गया और उन्होंने लिखकर दे  दिया। उनके लिखे हुए आदेश बाजार में फोटो-कापी के द्वारा जगह-जगह घूमते रहते थे और अखबारों में भी छपते रहते थे, लेकिन वोरा को किसी की कोई चिन्ता नहीं थी।

[साभार : राजनीतिनामा मध्यप्रदेश]