MP News : भूटान से आलू मंगवाने पर गुस्साए किसान, PM मोदी को लिखा पत्र


इंदौर (जोशहोश डेस्क) कृषि बिल के चलते देश भर में किसान प्रदर्शन करने में लगे हैं, वहीं मालवा के किसान भी केंद्र सरकार से रूठ गए हैं। भूटान से 10 लाख टन आलू आयात करने पर मालवा के किसानों ने विरोध जताया है। किसानों का कहना है कि इस फैसले से मालवा के आलू उत्पादक बर्बाद हो जाएगें। यदि सरकार किसानों के हित में हैं तो आलू आयात का निर्णय वापस ले।
 
भूटान से 10 लाख टन आलू आयात
आलू की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने भूटान से 10 लाख मीट्रिक टन आलू आयात करने का सौदा किया है। दिसंबर के पहले सप्ताह से मालवा में नए आलू की आवक शुरू हो गई है जो कि 2 माह रहेगी। भूटान से 10 लाख मीट्रिक टन आलू 31 जनवरी तक मंगवाया जाएगा।
 
किसानों की मांग
किसानों ने मांग की है आलू-प्याज के निर्यात पर सरकार ने अचानक प्रतिबंध लगा दिया है, परिणाम स्वरूप प्याज के भाव भी बुरी तरह गिर चुके हैं। मालवा-निमाड़ में लाखों हैक्टेयर  में किसानों ने प्याज की फसल लगाई थी, किंतु सरकार के इस निर्णय से किसानों को घोर निराशा हुई है। प्याज निर्यात पर लगा प्रतिबंध पूर्णरूप से हटाया जाना जरूरी है।
 
आलू उत्पादक संघ ने मोदी को लिखी चिट्ठी
आलू उत्पादक संघ इंदौर ने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। किसान जीतू पाटीदार के मुताबिक हमने पीएम से अपील की है कि वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना रद्द की जाना चाहिए। आलू आयात करने से बड़ी संख्या में किसान कर्ज के गर्त में धंस जाएंगे। इंदौर जिले में किसानों ने 40-42 रुपए प्रति किलो की दर से बीज खरीद कर लगाया था। अब यहां आलू के एवरेज भाव 12 से 15 रू प्रति किलो के भाव रह गए हैं। अभी इंदौर मालवा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में आलू निकलना शेष है। मप्र में 25 से 30 लाख मीट्रिक टन आलू सीजन में होता है। बड़ी मात्रा में निर्यात भी होता है। 
 
बता दें, हाल ही में पारित तीन किसान बिलों में से एक आवश्यक वस्तुओं से संबंधित है। इनमें आलू, प्याज और लहसुन को जरूरी वस्तुओं से मुक्त किया गया है, इसके बावजूद तीन महीने से प्याज के निर्यात पर रोक और स्टॉक लिमिट लगा रखी है।

(संपादन-आयुषी जैन)