ब्रिटेन ने बाबा रामदेव की "कोरोनिल" को बताया फर्जी


नई दिल्ली (जोशहोश डेस्क) कोविड-19 महामारी के चलते पूरी विश्व में इस बीमारी के तोड़ के लिए वैक्सीन बनाने के प्रयास जारी हैं। अभी तक सिर्फ 2 वैक्सीन को ही मंजूरी मिली है और कई वैक्सीन के ट्रायल्स चल रहे हैं। इस बीच लंदन से एक खबर सामने आई है। भारतीय आयुर्वेदिक कंपनी 'पतंजलि' की कोरोनिल टैबलेट लंदन की दुकानों में बेची जा रही है। बता दें कि कुछ महीनों पहले पतंजलि के प्रमुख बाबा रामदेव ने दावा करते हुआ कहा था कि हमने कोरोनावायरस की दवाई(कोरोनिल) बना ली है, जिसका सफल परीक्षण भी हमने कर लिया है। इस परीक्षण में 3 दिनों के भीतर 100 में से  69% मरीज पॉजिटिव से निगेटिव हुए और 7 दिनों के भीतर 100% मरीज ठीक हुए हैं। लेकिन बाद में रामदेव के इस दावे को ख़ारिज करते हुए भारत सरकार ने कहा था कि पतंजलि की कोरोनिल सिर्फ एक इम्युनिटी बूस्टर टैबलेट से ज्यादा और कुछ नहीं है। इन सब के बाद भी लंदन में कोरोनिल कोविड-19 की दवा के रूप में बिक रही है।
 
 
क्या है पूरा मामला -
 
कुछ दिनों पहले बीबीसी द्वारा की गई एक पड़ताल में पाया गया की लंदन की कुछ दुकानों में भारतीय आयुर्वेदिक कंपनी 'पतंजलि' की कोरोनिल टैबलेट यह कह कर बेची जा रही है कि इससे लोग कोरोनावायरस से बच सकेंगे। बीबीसी द्वारा कराए गए लैब टेस्ट में यह साबित हुआ है कि कोरोनिल कोविड-19 से सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती। बीबीसी के लिए बर्मिंघम विश्वविद्यालय द्वारा किए परीक्षण में यह कहा गया कि कोरोनिल में ऐसी कोई भी तत्व नहीं मिले जो लोगों को कोविड-19 महामारी से बचा सकें। वायरोलॉजिस्ट डॉ मैत्रेयी शिवकुमार की मानें तो इम्युनिटी बढ़ाने से कोरोनावायरस का संक्रमण न होना यह विचार ही एक दम गलत है क्योंकि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस के प्रति प्रतिक्रिया कैसे करती है, इसमें बहुत सारी बारीकियां हैं जो अब तक हम नहीं जान सके हैं।इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोनिल प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा के लिए कितना कारगर है।
 
एमएचआरए कर सकता है दुकानदारों पर कार्यवाही -
 
बता दें कि यूके(UK) की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) ने पतंजलि की कोरोनिल को अप्रूव नहीं किया है। इसके बाद भी कोरोनिल लंदन की कुछ दुकानों में बिक रही है। बीबीसी ने MHRA (Medicines and Healthcare products Regulatory Agency) के हवाले से कहा, 'ब्रिटेन के जो दुकानदार किसी भी अनाधिकृत औषधीय उत्पाद (unauthorised medicinal product) को बेच रहे हैं उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
 
(संपादन- निमिष दुबे)